About BPL | Procedure | Application Form | BPL Scheme | BPL Status | FAQs | Contact

BPL Booklet : Villagers Meeting and Polling ( सर्वे तथा ग्राम सभाओं का आयोजन )

Sponsored Links

‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ हेतु दिनांक 15 जुलाई 2003 से 31 अगस्त, 2003 तक की अवधि में बी.पी.एल. सेन्सस की अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ में गणकों द्वारा सूचनाएं एकत्रित की जावेंगी। प्रत्येक ग्रामीण परिवार के बारे में अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ में सूचना एकत्रित किया जाना अनिवार्य है। पर्यवेक्षण अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे सभी सम्भव प्रयास कर यह सुनिश्चित कर लें कि उनके क्षेत्र में निवास करने वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार का अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ प्रपत्र में सर्वे कर लिया गया है।

निर्धारित अवधि में उपरोक्त अनुसूची ‘ब’ के प्रपत्रों से प्रस्तावित गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की प्रोविजनल सूची तैयार की जावेगी। परिशिष्ठ ‘अ’ और ‘ब’ की सूचनाएं गणक द्वारा भरने तथा पर्यवेक्षक द्वारा हस्ताक्षरित होने के बाद साप्ताहिक रूप से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को भिजवायी जावे। जिला स्तर पर प्रत्येक पंचायत समिति से इस प्रकार प्राप्त होने वाली सूचियों की प्रगति हेतु पंचायत समितिवार दिवस नियत कर प्राप्त की जा सकती है। इससे कार्य में विलम्ब नहीं होगा।

प्रोविजनल सूची सात प्रतियों में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण स्तर पर बनायी जाकर एक-एक प्रति अभिकरण तथा ग्राम पंचायत रिकार्ड में रखी जावेगी। एक-एक सूची गाँव के प्रमुख स्थान/ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जावेगी तथा शुद्ध तीन प्रतियों में से एक-एक अभिकरण, पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत स्तर पर रहेगी।

प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामसभा का आयोजन किया जावेगा, जिसके विस्तृत कार्यक्रम जिला कलक्टर द्वारा जारी किये जावेंगे। प्रत्येक ग्राम सभा के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जावेगा जो जिला स्तरीय अधिकारीगणों में से नियुक्त किया जावेगा।

ग्राम सभा की बैठक की तिथि के 7 दिन पूर्व से प्रतिदिन ढोल बजाकर या डौंडी पिटवाकर ग्राम पंचायत के सभी गाँवों में ग्राम सभा के आयोजन की सूचना ग्राम पंचायत के ग्रुप सचिव द्वारा कराये जाने की व्यवस्था की जावेगी। साथ ही विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों के द्वारा ग्राम सभाओं के आयोजन की जानकारी करायी जाने के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी इसकी मोनीटरिंग करेंगे।

ग्राम सभा की उक्त बैठक में प्रोविजनल सूची को प्रस्तुत किया जावेगा एवं आक्षेप रखने का अवसर दिया जावेगा। प्राप्त आपत्तियों को अंकित किया जावेगा। एडीशन/आल्टे्रशन/कैन्सिलेशन की स्थिति में सरपंच द्वारा सील सहित लाल स्याही से प्रपत्र पर अंकन करना होगा तथा इस प्रकार के परिवर्तन का ग्राम सभा के कार्यवाही रजिस्टर में भी अंकन करना होगा तथा कार्यवाही रजिस्टर पर सम्बन्धित पटवारी, हैडमास्टर, गणक, सुपरवाईजर एवं प्रभारी अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। प्रभारी अधिकारी का यह भी दायित्व होगा कि प्राप्त आपत्तियों का समुचित रूप से निराकरण ग्राम सभा की बैठक में कराया जावे एवं उसके उपरांत प्रोविजनल सूची में आवश्यक परिवर्तन/परिवर्धन कर अन्तिम रूप दिया जावे।

ग्राम सभा की बैठक का कार्यवाही विवरण उसी दिन ग्राम पंचायत के कार्यवाही बैठक रजिस्टर में अंकित किया जावेगा, जिसमें संशोधित प्रोविजनल सूची के सभी परिवारों का पूर्ण विवरण अंकित किया जावेगा।

ग्राम सभा की बैठक के कार्यवाही विवरण पर उपस्थित सदस्यों के अतिरिक्त संबंधित सरपंच, प्रभारी अधिकारी, पर्यवेक्षक, पटवारी, हैडमास्टर और गणक के हस्ताक्षर होंगे।

ग्राम सभा की बैठक की सूचना ग्रुप सचिव द्वारा संबंधित क्षेत्र के सभी विधायकगण, सांसद, प्रमुख, प्रधान एवं अन्य सभी पंचायती-राज के जनप्रतिनिधियों को दी जावेगी तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जावेगा कि ग्राम सभा की बैठक में ग्राम पंचायत के प्रत्येक गाँव के अधिक से अधिक नागरिक उपस्थित होकर सक्रिय भागीदारी निभायें।

उपरोक्त कार्यवाही के पश्चात्‌ अन्तिम चयन सूची तैयार की जावेगी, जिसकी एक प्रति जिग्राविअ में, एक प्रति पंचायत समिति एवं एक प्रति ग्राम पंचायत के रेकार्ड में रखी जावेगी। इन तीनों प्रतियों का मिलान सुनिश्चित किया जावे। इसकी शुद्धता के लिए अतिरिक्त कलक्टर (विकास) एवं पदेन परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण जिम्मेदार होंगे। एक प्रति ग्राम/ग्राम-पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जायेगी।

कट ऑफ स्कोर निर्धारण के बाद कम्प्यूटर से निकाली गयी अन्तिम चयन सूचियों की प्रतियों का प्रेषण निम्नानुसार जिग्राविअ द्वारा सुनिश्चित किया जावेगा-

  • एक प्रति में से संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंश को निकालकर सभी ग्राम पंचायतों को भिजवाया जावेगा।
  • तीन प्रतियों में से पंचायत समिति क्षेत्र के अंश को निकाल कर सभी विकास अधिकारियों को उनके क्षेत्र के चयनितों की सूचियां तीन प्रतियों में भिजवायी जावेगी।
  • एक सूची में से संबंधित बैंक क्षेत्र के अंश की प्रति छांटकर व्यावसायिक/ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबन्धक को प्रेषित की जावेगी।
  • एक प्रति में से संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखाओं के अंश को निकाल कर केन्द्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबन्धकों को प्रेषित किया जावेगा।
  • चयन सूची की दस प्रतियां जिग्राविअ कार्यालय के उपयोग हेतु रखी जावेगी जो संबंधित योजना इन्चार्ज को उपलब्ध करा दी जावेगी।
  • चयन सूचियों की दो प्रति जिला रसद अधिकारी को, दो प्रति महिला विकास अभिकरण/महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी को भी प्रेषित की जावेगी तथा दो प्रतियां जिला उद्योग केन्द्र को भेजी जावेगी।
  • चयन सूची की एक प्रति जिला अग्रणी बैंक अधिकारी को प्रेषित की जावेगी। आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अधिकारियों/कार्यालयों को उनसे संबंधित अंश की प्रतियां ही कम्प्यूटर से तैयार करवाकर उपलब्ध करायी जावेगी जिसमें यह ध्यान में रखा जावेगा कि अनावश्यक प्रतियां तैयार कर व्यर्थ व्यय नहीं है ।

posted by TALLY ADVISIOR on 5:31 AM under

0 comments:

Search