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BPL Booklet : Form or List Filling Procedure ( अनुसूचियों को भरने के लिए दिशा निर्देश )

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आंकड़ों का कम्प्यूटरीकरण व प्रपत्रों के प्रारूप सर्वे कार्य पूर्ण होने पर प्रोवीजनल सूची कम्प्यूटर से आरोही क्रम में तैयार करवाई जाये तथा कम्प्यूटर से तैयार ऐसी सूचियों को ग्राम सभा में अनुमोदन के लिये प्रस्तुत किया जावे। ग्राम पंचायत द्वारा सुझाये गये आवश्यक सुधार समाहित करते हुये इस सूची को कम्प्यूटर केन्द्र पर लाया जावे तथा ग्राम सभा से अनुमोदित सूची के अनुरूप कम्प्यूटर पर सूची (डाटा) को अद्यतन कर लिया जावे। इस प्रकार तैयार अनुमोदित सूची ग्राम पंचायत तथा पंचायत समिति को भिजवाते हुये एक सॉफ्ट कॉपी सीडी के साथ राज्य स्तर पर संकलन हेतु भिजवायी जावे। राज्य स्तर से कट ऑफ पोईन्ट की सूचना प्राप्त होने पर बीपीएल परिवारों की पात्रता निर्धारित की जाकर सूचियों को अन्तिम रूप देते हुए सभी संबंधित विभागों/निकायों को उपलब्ध करा दी जावे। जिस स्तर पर चैकिंग के समय गलती पायी जावे उसी स्तर पर गणक द्वारा भरे गये फार्म पर लाल स्याही से हस्ताक्षर कर करेक्शन किया जावे। वस्तुतः अनुसूची ‘अ’ में प्रविष्टियाँ नम्बर व देवनागरी टेक्स्ट के रूप में तथा अनुसूची ‘ब’ में प्रविष्टियाँ केवल सही के निशान (ü) के रूप में अंकित होगी। तथा बी.पी.एल. सेन्सस के लिये तय की निर्धारित अवधि में यह अनुसूचियाँ तैयार होनी हैं अतः कम्प्यूटर से प्रोवीजनल सूचियों को तैयार कर अनुसूचियों को OCR/ICR तकनीक से स्कैनिंग करा कर ही इतनी अल्प अवधि में गुणवत्ता व शुद्धता सुनिष्चित की जा सकती है। यह पद्वति विभिन्न परीक्षाओं में शीघ्र परिणाम घोषित करने के लिये प्रयोग में लायी जा रही हैं। इस पद्धति से अनुसूचियों से प्राप्त आंकड़ो से सीधे ही प्रोवीजनल सूची बनाई जावेगी इसमें अल्पावधि में ही परिणाम प्राप्त किया जाना संभव होगा। जिन परिवारों को राज्य स्तर पर बी.पी.एल. सेन्सस के तहत परिवारों के रूप में चयनित किया जायेगा केवल उनसे सम्बन्धित विस्तृत जानकारी यथा परिवार जनों के नाम इत्यादि एन्ट्री द्वारा पूर्ण कराने पर परिवार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में सहायक होगी। संषोधित सूचियों से सम्बन्धित आँकड़े अद्यतन करने में सर्वे में शामिल किये गये नवीन परिवारों की जानकारी एकत्र करने हेतु स्कैनिंग करने की प्रक्रिया पुनः अपनाते हुए पूर्ण सूची तैयार कर मय डाटा राज्य स्तर पर भिजवाई जावेगी। अनुसूचियों में कोड आधारित प्रविष्टिया अनुसूची ‘अ’ में अधिकांश प्रविष्टियाँ अपने कोड के साथ अथवा केवल कोड के रूप में ही अंकित की जायेगी। अनुसूची में सर्वे किये जा रहे ग्राम से सम्बन्धित कोड निम्नानुसार दिये जायेंगे। जिला दो अंको का कोड पंचायत समिति चार अंको का कोड ग्राम पंचायत चार अंको का कोड ग्राम आठ अंको का कोड इन प्रविष्टियों के लिये कोड के साथ सम्बन्धित ईकाई का नाम भी अंकित किया जायेगा। गणकों के नियुक्ति आदेष के साथ उन्हें सर्वे किये जाने वाले भौगोलिक क्षेत्र के सभी कोड भी दिये जायें। जिला स्तर विकास अधिकारी तथा पर्यवेक्षक स्तर पर भी इस बात की जाँच की जानी अपेक्षित है कि कोड सही हो तथा भरे गये हों। इसके अतिरिक्त परिवार के सदस्यों के लिंग/षिक्षा आदि के लिये निम्न कोड उपयोग में जाये जायें।

लिंग 1-पुरूष 2-स्त्री परिवार के मुखिया स सम्बन्ध 01-स्वयं 05-पुत्र 09-ससुर 13-दादा 02-पत्नि 06-पुत्री 10-सास 14-दादी 03-पिता 07-भाई 11-पौत्र 15-साला 04-माता 08-बहन 12-पौत्री 16-साली 17-अन्य

अनुसूची ‘अ’ के खण्ड-अ (परिवार के संबंध में जानकारी-शैक्षणिक स्तर) की प्रविष्टियों में प्रथम प्रविष्टि परिवार के मुखिया की ही की जावे।

शैक्षणिक स्तर 1-अनपढ 4-दसवीं पास तक 2-5वीं पास तक 5-12वीं पास तक 3-8वीं पास तक 6-स्नातक/स्नातकोत्तर

ग्रामीण दस्तकार का कोड
  • 01-लुहार 02-सुथार 03-कुम्हार 04-राजमिस्त्री 05-बुनकर 06-टेलरिंग 07-कशीदाकारी 08-मनिहार 09-सुनार 10-पेन्टर 11-चर्मकार 12-नाई 13-मीनाकारी 14-बंधेज व रंगाई 15-ठठेरा 16-मूर्तिकार 17-पिंजारा 18-अन्य

निष्क्रमण हेतु प्रदेशों के कोड 01-गुजरात 02-मध्यप्रदेश 03-उत्तर प्रदेश 04-पंजाब 05-हरियाणा 06-दिल्ली 07-महाराष्ट्र 08-अन्य

निष्क्रमण हेतु उद्देश्यों के कोड 01-आकस्मिक रोजगार 02-वैतनिक रोजगार 03-अकाल 04-अन्य

सर्वे अनुसूचियों का मुद्रण तथा विवरण सर्वे अनुसूचियों के सुरक्षित रख-रखाव तथा आदान-प्रदान को सुनिष्चित करने के लिये इनको 50 व 25 बुकलेट के रूप में वितरित किया जायेगा तथा इन पर यूनीक क्रम संख्या भी अंकित होगी। सभी स्तरों पर प्राप्ति व वितरण पंजिका संधारित की जायेगी। अनुसूचियों की भरी हुई बुकलेट प्राप्त करते समय प्रत्येक स्तर पर निर्धारित संख्या में अनूसूचियों की जाँच कर संबंधित द्वारा हस्ताक्षर किये जावेंगे। गणको से अपेक्षा की जाती है कि अनुसूची भरते समय पूर्ण सावधानी बरतें। अनुसूचियों का मुद्रण ए-4 साईज के पृष्ठ पर दोनों तरफ इस तरह किया जा रहा है कि अग्रिम भाग पर अनुसूची ‘अ’ की प्रविष्टियाँ होगी तथा पृष्ठ भाग पर अनुसूची ‘ब’ की प्रविष्टियाँ होगी। अनुसूची ‘अ’ में परिवार के सदस्यों की सूचना अंकित की जानी है । सदस्यों के लिए अधिकतम 9 स्थान उपलब्ध हैं। सदस्यों की संख्या इससे अधिक होने पर अतिरिक्त शीट का उपयोग किया जा सकता है। इस अतिरिक्त शीट पर मूल अनुसूची की क्रम संख्या के साथ परिचय से संबंधित सभी कोड्स को भी अंकित किया जाना आवश्यक होगा। अभियान की प्रगति की सूचनाः- बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 का कार्य तभी पूर्ण होगा जब सभी जिलों से आंकड़े कम्प्यूटर पर प्राप्त हो जाये तथा उनके विष्लेषण के पष्चात्‌ राज्य में जिलेवार बी.पी.एल. परिवारों की संख्या कट ऑफ पॉइन्ट के अनुसार निर्धारित कर ऐसे परिवारों की सूची तैयार हो जाये। इसके लिये आवश्यक है कि यह कार्य सभी जिलों में एक साथ पूर्ण हों। सर्वे की अवधि में राज्य स्तर पर पाक्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की जायेंगी। प्रगति की सूचना राज्य स्तर पर ई-मेल अथवा सीधे वेबसाईट द्वारा प्रेषित की जा सकती हैं। इसके लिये राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र आवश्यक सॉफ्टवेयर, ग्रामीण विकास विभाग, राजस्थान सरकार की आवश्यकता के अनुरूप विकसित करेगा। आंकड़ा प्रविष्टि के लिये सॉफ्टवेयरः- राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा आंकड़ा प्रविष्टि हेतु मॉडल सॉफ्टवेयर का विकास केन्द्रीकृत रूप से किया गया है। राज्य की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप इसमें सुधार कर जिलों को उपलब्ध कराया जायेगा।

अनुसूचियों को भरने के लिए विभिन्न आइटमों की परिभाषाएं :-
  • पक्का मकान- अगर मकान की दीवार एवं छत दोनों का निर्माण पक्की सामग्री से किया हुआ है तो मकान पक्के मकान की श्रेणी में आयेगा।
  • कच्चा मकान- अगर मकान की दीवार एवं छत दोनों का निर्माण कच्ची सामग्री से किया हुआ है तो वह मकान कच्चे मकान की श्रेणी में आयेगा।
  • आंशिक रूप से पक्का मकान- कोई भी मकान जो न तो पक्का है और न ही कच्चा है वह आंशिक रूप से पक्के मकान की श्रेणी में आयेगा। पक्की दीवार की सामग्री पकी हुई ईटों, लोहे की चद्दरों या अन्य धातु की चद्दरों, पत्थरों, सीमेन्ट, कन्क्रीट से बनी हो तथा छत टाईल, स्लेट, सिंगले, नालीदार लोहे, जिन्क या अन्य धातु की चद्दरों, एसबेस्टस, सीमेंट की चद्दरों ईंट, चूना और पत्थर, आरबीसी/आरसीसी या कंक्रीट की बनी होनी चाहिए।
  • निरक्षर- एक व्यक्ति जो पढ सकता है, परन्तु किसी भी भाषा में लिख नहीं सकता है, निरक्षर की परिभाषा में आयेगा।
  • अनौपचारिक शिक्षा- ऐसी शिक्षा जो किसी नियमित शिक्षण संस्थान में दाखिला लिये बगैर प्राप्त की जाती है, अनौपचारिक शिक्षा की श्रेणी में आयेगी।
  • गैर संस्थागत स्त्रोत- बैंक, सहकारी समितियों एवं अन्य मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं के अतिरिक्त जैसे- मनीलेण्डर, दोस्त एवं रिश्तेदार आदि।

परिभाषाएं-
  1. लघु कृषकः वे किसान जिनके पास एक हैक्टर से अधिक परन्तु दो हैक्टर से कम कृषि भूमि हों।
  2. सीमान्त कृषकः वे किसान जिनके पास एक हैक्टर से कम कृषि भूमि हो।
  3. भूमिहीनः वे कृषक जिनके पास आधा हैक्टर से कम कृषि भूमि या कोई भूमि नहीं हो।
  4. खेतीहर मजदूरः वे कृषक मजदूर जो कि अपनी आय का 50 प्रतिशत से अधिक कृषि मजदूरी से प्राप्त करते हों।
  5. अकृषि मजदूरः जो कि अपनी आय का 50 प्रतिशत से अधिक आय अन्य मजदूरी से प्राप्त करते हों।

लघु कृषक के लिए भूमि की सीमा (हैक्टर में) जिले का नाम सिंचित असिंचित जैसलमेर, बाड़मेर 1.50 हैक्टर 10.00 हैक्टर बीकानेर, नागौर, जालौर, पाली, चूरू एवं जोधपुर 1.50 हैक्टर 7.00 हैक्टर झुंझुनूं, अजमेर, डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा 1.50 हैक्टर 3.00 हैक्टर अन्य जिलों के लिए 1.00 हैक्टर 2.00 हैक्टर

posted by TALLY ADVISIOR on 5:38 AM under

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