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BPL Booklet : Duties ( दायित्व )

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‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ के अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समयावधि में सम्पादित किये जाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों/ कर्मचारियों को अपने दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं लगन के साथ करना है।

राज्य स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ कार्य के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा, जिसके द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन, निर्देश एवं स्पष्टीकरण सभी संबंधितों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जावेगी तथा ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ कार्य की समय-समय पर प्रगति समीक्षा, मोनीटरिंग एवं सूचनाओं का संकलन भी किया जावेगा।

जिला स्तर पर जिला कलक्टर ‘‘बीपीएल सेन्सस, 2002’’ के कार्य को समय पर सम्पादित कराने एवं निम्नांकित कार्यों के लिए उत्तरदायी होंगे-

प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलता से संचालित कराना।

प्रचार-प्रसार कार्य को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कराना।

‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों को (गणक/पर्यवेक्षक/प्रभारी अधिकारी इत्यादि) के रूप में नियुक्त करना/कराना।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की शासकीय निकाय की विशेष बैठक बुलवाना।

प्रत्येक ग्रामसभा के लिए पर्यवेक्षण अधिकारी की नियुक्ति करना एवं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्राम सभाओं का आयोजन सुनिश्चित कराना।

बीपीएल सेन्सस, 2002 की शुद्धता (करेक्टनैस) हेतु पर्यवेक्षण एवं प्रबोधन (मोनीटरिंग) सुनिश्चित करना।

सभी परिवारों का सर्वे हो गया ह,ै इस हेतु आश्वस्त होने के लिए पंचायत मतदाता सूची की सहायता भी ली जा सकती है। इसके लिए आवश्यकतानुसार वार्ड के गु्रप बनाकर गणकों की नियुक्ति की जा सकती है।

सूचियों के समय पर कम्प्यूटरीकरण, प्रकाशन एवं प्रेषण की व्यवस्था कराना तथा निर्धारित प्रपत्रों में सूचना ग्रामीण विकास विभाग को प्रेषित करवाना।

ऐसे कार्य करना जो बीपीएल सेन्सस के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक है।

अतिरिक्त कलक्टर (विकास) एवं पदेन परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के दायित्व निम्नानुसार होंगे-
  • जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की शासकीय निकाय/जिला परिषद की विशेष बैठक आयोजित कराना।
  • ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ से संबंधित सभी कार्यों को जिला कलक्टर के निर्देशानुसार सम्पादित करना।
  • जिला/पंचायत समिति स्तर पर दिनांक 30.6.03 तक प्रशिक्षण सम्पन्न कराना।
  • ‘‘बी.पी.एल.सेन्सस, 2002’’ के लिए प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार की व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण कर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पादित कराना।
  • सर्वे प्रपत्रों की अनुसूची अ-ब का पूर्ण रिकार्ड संधारित करना।
  • इस कार्य में आने वाली स्टेशनरी इत्यादि की व्यवस्था कर संबंधितों को उपलब्ध कराना।
  • ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ की सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करवाने के लिए जो भी अन्य कार्य किये जाने हों उन सभी को निर्देशानुसार सम्पादित करना।
  • सूचियां तैयार करने की व्यवस्था एवं प्रेषण की व्यवस्था सहित निर्धारित प्रपत्रों में ग्रामीण विकास विभाग को सूचनाएं प्रेषित करना।

उपखण्ड अधिकारी के दायित्व ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ में निम्नलिखित होंगे-
  • उपखण्ड अधिकारी बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 की शुद्धता (करेक्टनैस) के लिए व्यक्तिशः उत्तरदायी होंगे।
  • जिला कलक्टर द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार एवं अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ भरवाना तथा पर्यवेक्षण का कार्य कराना।
  • क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायतों में निर्धारित कार्यक्रमानुसार ग्राम सभाओं की बैठकें आयोजित करवाना।
  • ग्राम सभाओं की बैठकों का स्वयं भी मौके पर जाकर निरीक्षण करना।
  • विकास अधिकारी के दायित्व निम्नानुसार होंगे-
  • जिला कलक्टर के द्वारा निर्धारित तिथियों पर पंचायत-समिति स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित कराना, प्रचार-प्रसार कार्यक्रम को सुनिश्चित कराना। अनुसूची अ और ब में अपने आवंटित क्षेत्र के लिए सूचनाएं तैयार करवाना।
  • जिला ग्रामीण विकास अभिकरण से प्राप्त अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ के बुकलेट संबंधी रिकार्ड का संधारण कराना।
  • अनुसूचियों की बुकलेट पूर्ण होने के साथ-साथ प्रोविजनल सूची तैयार करने हेतु जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को भिजवाना।
  • जिला ग्रामीण विकास अभिकरण से कम्प्यूटरीकृत प्रोविजनल सूची को प्राप्त कर गाँव के प्रमुख स्थान/ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवाना। • अनुसूचियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु परिवहन की समुचित व्यवस्था कराना।
  • जिला कलक्टर के निर्देशानुसार आवंटित क्षेत्र में चयन कार्य का पर्यवेक्षण कर, संचालन करवाना एवं अधीनस्थ प्रसार अधिकारीगण को उन्हें आवंटित क्षेत्र में चयन कार्य सम्पन्न करने हेतु पाबंद करना।
  • जिला कलक्टर द्वारा मनोनीत प्रभारी अधिकारी के दायित्व निम्नानुसार होंगे-
  • जिला कलक्टर द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना एवं पर्यवेक्षण हेतु आवंटित क्षेत्र में अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ में सूचना तैयार कराने के कार्य का पर्यवेक्षण करना।
  • अनुसूचियों की बुकलेट पूर्ण होने पर परीक्षण के पश्चात्‌ प्रोविजनल सूची तैयार करने हेतु अभिकरण को भिजवाना।
  • जिला ग्रामीण विकास अभिकरण से कम्प्यूटरीकृत प्रोविजनल सूची को प्राप्त कर गाँव के प्रमुख स्थान/ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करवाना।
  • आवंटित क्षेत्र में निर्धारित कार्यक्रमानुसार ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेना, उनकी समस्त कार्यवाही सुनिश्चित करवाना।
  • ग्राम सभा की कार्यवाही का सही अंकन करवाकर उस पर स्वयं के हस्ताक्षर एवं निर्देशित सभी उपस्थित व्यक्तियों/अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाना।
  • ग्राम सभा की समाप्ति के बाद की कार्यवाही, चयनित परिवारों की सूची एवं निर्धारित प्रपत्रों में समस्त सूचनाएं अपने सामने तैयार करवाकर विकास अधिकारी को प्रेषित करना।

पर्यवेक्षक के दायित्व निम्नानुसार होंगे-
  • पंचायत समिति/प्रभारी अधिकारी से अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ की बुकलेट प्राप्त करना तथा अपने क्षेत्र के गणकों को उपलब्ध करवाना तथा तत्संबंधी रिकार्ड का संधारण करना।
  • सर्वे कार्य की गुणवत्ता व प्रगति का अनुश्रवण करना तथा आवश्यकतानुसार निर्देशित कर कार्य शीघ्र तथा सही ढंग से पूरा कराना।
  • सर्वे कार्य में प्रयुक्त बुकलेट भर जाने पर गणकों से प्राप्त कर उनकी जांच कर पंचायत समिति को उपलब्ध करवाना तथा तत्संबंधी रिकार्ड का संधारण करना। o प्रभारी अधिकारी द्वारा प्रोविजनल सूची उपलब्ध करा देने के पश्चात्‌ सूची को गाँव के प्रमुख स्थान/ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना, ग्राम सभा की बैठक में प्रस्तुत करना, तत्संबंधी निर्धारित कार्यवाही कराना, कार्यवाही का अंकन कराना, सभी उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर कराना। शुद्धीकृत अनुमोदित सूची को तीन प्रतियों में तैयार करवाकर एक प्रति ग्राम पंचायत स्तर पर, एक प्रति पंचायत समिति स्तर पर तथा एक प्रति पंचायत समिति के माध्यम से जिला स्तर पर भिजवाने की कार्यवाही करना।
  • प्रशिक्षण में भाग लेना, अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ में सूचना तैयार कराना तथा आरोही क्रम में परिवारों की सूची बनवाना।
  • ग्राम सभाओं की बैठक में भाग लेना तथा कार्यवाही विवरण पर हस्ताक्षर करना।
  • गणक (Enumerator) के दायित्व निम्नानुसार होंगे-
  • निर्धारित प्रशिक्षण में उपस्थित होना, प्रशिक्षण को निष्ठापूर्वक प्राप्त करना, बीपीएल सेन्सस प्रक्रिया के बारे में आमजन को जानकारी देना, अपने लिये निर्धारित क्षेत्र के सभी ग्रामीण परिवारों के घर-घर जाकर अनुसूची ‘अ’ और ‘ब’ की निर्देशानुसार पूर्ति करना, बुकलेट पूर्ण होने पर जांच हेतु पर्यवेक्षक को देना।
  • प्रोविजनल सूची प्राप्त होने पर सूची को गाँव के प्रमुख स्थान/ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना, उनके अनुमोदन के समय ग्राम सभा में उपस्थित रहना, आवश्यक होने पर ग्राम सभा को जानकारी उपलब्ध कराना, कार्यवाही पूर्ण कराने में पर्यवेक्षक की सहायता करना।
  • ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को तीन प्रतियों में आरोही क्रम में तैयार करना।

जिलों के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारियों के दायित्व :
  • प्रभारी अधिकारी ग्रामीण विकास विभाग के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जिनका मुख्य कार्य बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 के कार्य को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निष्पादित कराने को सुनिश्चित कराना होगा।
  • प्रभारी अधिकारी जिला कलक्टर एवं राज्य सरकार (ग्रामीण विकास विभाग) के मध्य समन्वयक का कार्य करेंगे तथा बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 को सम्पादित करने हेतु आवंटित जिलों में आने वाली कठिनाईयों का निराकरण तुरन्त करने अथवा कराने का कार्य करेंगे।
  • प्रभारी अधिकारी स्वयं भी बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 के लिए इन्दिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में मई माह में प्रस्तावित द्वितीय मास्टर टे्रनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। 
  • प्रभारी अधिकारी आवंटित जिलों में जिला स्तर एवं पंचायत समिति स्तर पर बी.पी.एल. सेन्सस, 2002 के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर प्रशिक्षण कार्य में मदद करेंगे।

posted by TALLY ADVISIOR on 5:38 AM under

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