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BPL Booklet : Detailed Guideline ( निर्देश )

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विशेष उल्लेख
उपलब्ध अनुसूची अ तथा ब को गणक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर पर जाकर प्रत्येक परिवार के संबंध में सूचनाएं प्राप्त कर भरा जावेगा। एक परिवार की परिभाषा का अभिप्रायः व्यक्तियों के ऐसे समूह से है, जो कि सामान्यतयाः एक साथ रहते हों तथा जिनका खाना एक रसोई में तैयार होता है। अनुसूची को भरने के लिए केवल नीले या काले बालपेन का प्रयोग करें। पेंसिल या स्याही वाले पेन का उपयोग बिल्कुल नहीं करें। प्रत्येक प्रविष्टि हेतु निर्धारित बॉक्स की बाउण्ड्री को बिना छुए स्वच्छ अक्षरों/अंकों में लिखें। बॉक्स के बाहर कुछ नहीं लिखें। कहीं भी ओवर राइटिंग नहीं करें। यथा संभव कटिंग भी नहीं करें। किसी भी प्रकार की कटिंग होने पर लघु हस्ताक्षर अवश्य करें। अनुसूची ‘अ’ को निम्न बातों को ध्यान में रखते हुए गणकों द्वारा भरा जावे-
  • जिले का नाम व कोडः जिले का नाम व कोड बडे अक्षरों में लिखा जावे।
  • कुल अंक गणक द्वारा अनुसूची ‘ब’ को पूर्ण रूपेण भरने पर उसमें अंकित 13 बिन्दुओं के विरूद्व दिये जाने वाले अंकों (0,1,2,3,4) का योग करने पर जो अंकों की गणना आयेगी, वह कुल अंक (ज्वजंस ैबवतम) कहलाएगा।
  • अनुसूची भरते समय जहां जहां कोड अंकित होने हैं वहां कोड इस प्रकार लिखा जावे कि कोड के लिए निर्धारित सभी बॉक्स भर जावें। अतः कोड भरते समय इकाई का अंक सबसे दांये बॉक्स में लिखा जावे तथा दहाई का अंक उससे बांई ओर। यदि इस प्रकार लिखते हुए कोई बॉक्स रिक्त रह जावे तो उसमें शून्य का अंकन करें। यथा- 13 के लिए यदि 3 (तीन) स्थान हों तो इसे लिखा जावेगा।
  • पंचायत समिति का नाम व कोड- पंचायत समिति का नाम व कोड बडे अक्षरों में लिखा जावे। • ग्राम पंचायत का नाम व कोड- ग्राम पंचायत का नाम व कोड बडे अक्षरों में लिखा जावे।
  • गाँव का नाम व कोड- गाँव का नाम व कोड बडे अक्षरों में निर्धारित बॉक्स में ही लिखा जावे।
  • मकान नम्बर एवं नाम (अगर कोई है तो)- यदि ग्राम पंचायत द्वारा गाँव में मकानों पर नम्बर अंकित किये हुए हैं तो मकान नम्बर अंकित किया जावे।
  • परिवार के मुखिया एवं उसके पिता/पति का नाम- परिवार के मुखिया का नाम साफ-साफ बडे अक्षरों में लिखा जावे। इसके लिए निर्धारित स्थान में ही प्रविष्टि की जावे। यही जानकारी अनुसूची ‘ब’ में निर्धारित स्थान पर गाँव के नाम के साथ भरना आवश्यक है।

1. परिवार के संबंध में जानकारी -
  • परिवार के सभी सदस्यों के नाम उनकी उम्र (बड़े से छोटे) के क्रम में अंकित की जावे। प्रथम प्रविष्टि परिवार के मुखिया की ही की जावे।
  • उम्र पूर्ण वर्षों में अंकित की जानी है।
  • पुरूष के लिए 1 एवं महिला के लिए 2 अंकित किया जावे।
  • शैक्षणिक स्तर हेतु (कालम 6) में निर्धारित कोड नम्बर ही अंकित करना है। (1-6)
  • परिवार के मुखिया से सम्बन्ध के लिए निर्धारित कोड नम्बर ही अंकित करना है। (01-17)
  • ग्रामीण दस्तकार के लिए निर्धारित कोड नम्बर ही अंकित करना है। (01-18)

2. परिवार की औसत मासिक आय-
  • गणक द्वारा परिवार की औसत मासिक आय रूपये में आंकी जानी है। मासिक आय, परिवार के मुखिया अथवा अन्य जिम्मेदार सदस्य द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर आंकी जावेगी।

3. उपलब्ध जोत योग्य भूमि का विवरण-
  • परिवार के पास जोत योग्य भूमि स्वयं के स्वामित्व की अथवा जोत हेतु किराये पर ली गयी हो सकती है। यह भी सम्भावना है कि परिवार के पास उपलब्ध जोत योग्य भूमि में से कुछ हिस्सा स्वयं के स्वामित्व का तथा कुछ किराये पर लिया गया हो। यह भी सम्भव है कि परिवार के पास किसी प्रकार की जोत योग्य भूमि उपलब्ध ही नहीं हो। अतः गणक द्वारा उक्त सभी सम्भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त किसी एक कालम में ही सही का निशान लगाया जाना है।

4. इन्दिरा आवास योजना में भवन निर्माण हेतु भूमि-
  • यदि परिवार के पास इन्दिरा आवास योजना में भवन निर्माण करवाने हेतु स्वयं की भूमि हो तो हाँ पर सही (ü) का निशान अन्यथा नहीं पर सही (ü) का निशान लगावें।

5. पीने के पानी की सुविधा-
  • उपलब्ध स्रोत से दूरी के अनुसार निर्धारित बॉक्स में सही का निशान लगाया जाना है। राज्य के सभी क्षेत्र समतल क्षेत्र में माने जावेंगे।

6. परिवारों का सामाजिक समूह-
  • गणक द्वारा इस बात को व्यक्तिशः सुनिश्चित कर लिया जावे कि कौन सा परिवार सामाजिक दृष्टि से किस समूह में आता है उदाहरणतः अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछडी जाति अथवा अन्य जो भी उपुयक्त हो उसे ही चिन्हित करे।

7. परिवार के राज्य से निष्क्रमण की सूचना-
  • यदि परिवार किसी उद्देश्य से राज्य से निष्क्रमण करता हो तो सामान्यतः जिस प्रदेश में और जिस उद्देश्य से निष्क्रमण किया गया है/जाता है, कोड में उल्लेख करें।

8. 12वीं पास रोजगार कार्यालय में पंजीकृत युवक/युवती की सूचना-
  • यदि परिवार की वार्षिक आय 12000/- रुपये से कम हो तो परिवार के उच्च माध्यमिक स्तर के योग्यताधारी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत सदस्यों की सूचना सारणी के उपयुक्त स्थानों पर भरी जायेगी।

9. गरीब की पहचान एवं उसको उपश्रेणी में बांटने से संबंधित अनुसूची ‘ब’ को भरने हेतु निर्देश-

विषय उल्लेख-
  • गरीब की पहचान एवं उसको उपश्रेणी में बांटने हेतु 13 सूचक (इण्डीकेटर) 13 अलग-अलग पंक्तियों में दिये गये हैं। प्रत्येक सूचक के लिए पांच या उससे कम परिस्थितियों का विवरण उनके सम्मुख दिये गये कालम में दिया गया है। प्रत्येक सूचक के लिए अंकों का निर्धारण क्रमशः 0,1,2,3 एवं 4 के रूप में किया जाना हैं। उक्त अंकों के माध्यम से प्रत्येक सूचक की परिस्थितियों को अभिज्ञात किया जावेगा। एक परिवार के लिए 13 सूचकों के लिए कुल अंक 0 से 52 हो सकते हैं। अतः गणक द्वारा परिवार के बारे में प्रत्येक सूचक का सही आंकलन किया जाकर सबसे उपयुक्त केवल एक कालम में ही सही का निशान लगाया जावे। इसके लिये अनुसूची ‘ब’ में सबसे उपर परिवार के मुखिया, पिता/पति का नाम, गाँव का नाम आवश्यक रूप से अंकित किया जावे। बाउण्ड्री के अन्दर बॉक्स में उपयुक्त स्थान पर सही (ü) के निशान के अतिरिक्त कुछ न लिखा जाये।

उपलब्ध जोत भूमि का क्षेत्र-
  • यहां पर परिवार के पास जोत योग्य भूमि का तात्पर्य उपलब्ध भूमि के क्षेत्रफल से है। असिंचित भूमि को सिंचित भूमि की तुलना में दुगुना माना गया है।
  • गणक द्वारा संबंधित परिवार के मुखिया द्वारा दी गयी सूचनाओं एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त सूचना को क्रास चेक कर वास्तविकता एवं तथ्यों के आधार पर अपने विवेक का उपयोग करते हुए अनुसूचियों को भरा जावे।

मकान का प्रकार
  • यह इस बात पर निर्भर करेगा कि मकान को बनाने में किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया है। इसकी परिभाषा पूर्व में दे दी गयी है। यदि उपलब्ध मकान शहरी मकान जैसा तथा उसी तरह की सुविधाओं युक्त लगता है तो गणक को अन्तिम कालम में सही का निशान लगाना चाहिए।
  • जिन मकानों की छत एवं दीवारें दोनों ही पट्टियों की बनायी जाती हैं, ऐसे मकान को पक्के मकान की श्रेणी में रखा जावे। लकड़ी से बने मकान को भी पक्के मकान की श्रेणी में ही रखा जावे।
  • सामान्य प्रकार से पहनने योग्य कपडों की उपलब्धता

संख्या प्रति व्यक्ति -
  • इस तरह की जानकारी गणक द्वारा परिवार के मुखिया अथवा ऐसे सदस्य जिसे सही जानकारी हो, से ली जाकर सही सूचना प्राप्त करना आवश्यक है। अन्दर पहनने वाले कपड़ों को वस्त्रों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जावे।
  • सामान्य रूप से पहनने के कपड़ों (अधोवस्त्रों को छोड़कर) की औसतन उपलब्धता परिवार के कुल सदस्यों के पास उपलब्घ कुछ कपड़ों का औसत निकाल कर लिखा जावेगा अर्थात परिवार के पास कुल उपलब्ध कपड़ों की संख्या में परिवार के सदस्यों की संख्या का भाग दिया जावेगा।

खाद्य सुरक्षा
  • इस तरह की जानकारी बहुत ही सावधानी के साथ परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति से लेनी चाहिए। यहां पर खाने का मतलब ऐसे खाने से है, जिसमें न्यूनतम पौष्टिक स्तर उपलब्ध होवे।
  • एक समय का भोजन का तात्पर्य दिन में एक बार पेट भर कर भोजन करने से है।

स्वच्छता-
  • इस संबंध में गणक को परिवार के मुखिया अथवा किसी जिम्मेदार व्यक्ति से सही जानकारी प्राप्त करना चाहिए। जहां तक सम्भव हो इस तथ्य की जानकारी का गणक द्वारा यथासम्भव भौतिक सत्यापन किया जाकर ही सही स्थिति का उल्लेख किया जावे।

उपभोक्ता सामग्री के मालिकाना हक के बारे में-
  • गणक द्वारा प्रथम कॉलम में उपलब्ध सभी आइटम का संबंधित परिवार के घर में भौतिक सत्यापन करने के उपरांत ही निशान लगाना चाहिए। इसी प्रकार अन्तिम कालम में अंकित वस्तुओं में से भी जो वस्तु संबंधित परिवार के पास उपलब्ध है, उसकी सही जानकारी प्राप्त की जाकर ही ü का निशान लगाना चाहिए। इस सूचक से संबंधित सूचना से बीपीएल सूची को अन्तिम रूप देने में मदद मिलेगी।

परिवार के सबसे बडे+ पढे+-लिखे सदस्य का शैक्षणिक स्तर-
  • इस संबंध में गणक द्वारा परिवार के संबंधित सदस्य अथवा परिवार के मुखिया से सही जानकारी प्राप्त कर ही निशान लगाना चाहिए। परिवार में जिस सदस्य द्वारा सबसे अधिक शिक्षा प्राप्त की हुई है, उस सदस्य का विवरण ही लिया जाना है।

परिवार में श्रमिकों की स्थिति-
  • गणक द्वारा इसकी सही जानकारी परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जिम्मेदार सदस्य से सही जानकारी प्राप्त करने के उपरांत ही निशान लगाना चाहिए।
  • बन्धक श्रमिक की श्रेणी में उसी को सूचीबद्ध किया जावे, जिसको बंधक श्रमिक कानून के अन्तर्गत सक्षम अधिकारी द्वारा बंधक श्रमिक घोषित कर प्रमाण-पत्र दिया गया है।

जीविकोपार्जन के साधन-
  • गणक द्वारा इसकी परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जिम्मेदार सदस्य से सही जानकारी प्राप्त करने के उपरांत ही निशान लगाना चाहिए।
  • यदि कोई परिवार दो कार्य जैसे- कृषि एवं दस्तकारी करता है तो उसको जिस स्त्रोत से अधिक आय प्राप्त होती हो, उसी श्रेणी में सम्मिलित किया जावे।
  • कामचलाऊ कृषि का तात्पर्य सीमांत एवं लघु कृषकों हेतु निर्धारित सीमा तक की कृषि भूमि से है। भीख मांगकर काम चलाने वाले परिवार आकस्मिक श्रमिक की श्रेणी में आवेंगे।

बच्चों की स्थिति (5-14 वर्ष) (कोई बच्चा)
  • इसके लिए परिवार के ऐसे बच्चे जिनकी आयु 5-14 वर्ष है, को अंकों के निर्धारण हेतु लिया जाना है, यदि अलग-अलग बच्चे अलग-अलग स्थिति में हैं तो परिवार के जिस बच्चे के न्यूनतम अंक प्राप्त हों उसी के अनुसार कॉलम में ü का निशान लगाया जाना है।

ऋण का प्रकार-
  • इस संबंध में गणक द्वारा सूचना की जानकारी परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जिम्मेदार सदस्य से लेनी चाहिए। अगर किसी वित्तीय संस्था से ऋण लिया हुआ हो, तो उसका प्रमाणीकरण संबंधित संस्था से किया जाना चाहिए।

घर से निष्क्रमण का कारण-
  • गणक द्वारा परिवार से निष्क्रमण की जानकारी परिवार के मुखिया अथवा परिवार के किसी जिम्मेदार सदस्य से लेनी चाहिए, अगर परिवार का कोई भी सदस्य निष्क्रमण पर नहीं गया है तो ‘‘निष्क्रमण रहित’’ से संबंधित कॉलम में निशान लगाना चाहिए। शादी के कारण अगर वह बाहर गया है तो उसे ‘‘अन्य उददेश्य’’ से संबंधित कॉलम में ü का निशान लगाना चाहिए। यदि घर से एक से अधिक सदस्य निष्क्रमण कर गये हैं एवं निष्क्रमण के कारण अलग अलग हैं तो न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले सदस्य के अनुसार ही कालम में ü का निशान लगाया जावे।

सहायता हेतु वरीयता
  • भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा राज्य सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। ग्रामीण परिवारों के सामने विभिन्न सहायताओं के लिए प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं। अतः गणक द्वारा परिवार की परिस्थितियों के संबंध में परिवार के मुखिया से गहन विचार-विमर्श के उपरांत ही परिवार की सर्वाधिक प्राथमिकता को मध्यनजर रखते हुए उपयुक्त कालम में निशान लगाना चाहिए। 

उक्त के अलावा निम्नांकित बिन्दुओं का भी ध्यान रखा जावे-
  • गणक को उसके कार्य क्षेत्र एवं उसके मूल निवास स्थान को छोड़कर अन्य कार्य क्षेत्र में लगाया जाना चाहिए। 
  • बीपीएल सूची का ग्रामसभा में अनुमोदन करने के बाद ृजिला परिषद/अभिकरण की बैठकों में केवल अवलोकन कराना है, अनुमोदन नहीं। 
  • गणक के साथ पर्यवेक्षक के भी हस्ताक्षर होंगे तथा पर्यवेक्षक 5 प्रतिशत अनुसूचियों को भी टेस्ट चेक करेगा तथा ‘‘टेस्ट चैक किया गया’’ लिखकर हस्ताक्षर करेगा।

सही (ü) का निशान कैसे लगावें- 

  • गणक द्वारा सही का निशान संबंधित कालम में नीले/काले बालपेन से ही स्पष्ट लगाना चाहिए। सर्वे में पैन्सिल या स्याही वाले पेन का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया जाना है, अनुसूची में निशान हेतु पृथक से स्पष्ट स्थान अंकित किया हुआ है, उसी पर निशान लगाना चाहिए अन्यथा संबंधित कालम में यथा उपयुक्त स्थान पर स्पष्ट निशान अंकित करना चाहिए-
निम्नांकित उदाहरण को देखें-
अनुसूचित जन जातिअनुसूचित जातिअन्य पिछड़ी जातिअन्य
ü   

प्रपत्र 1 ‘‘बी.पी.एल. सेन्सस, 2002’’ से ग्रामीण परिवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर आरोही क्रम में सूची- (प्रोवीजनल सूची /अनुमोदित सूची)
ग्रामः............... ग्राम पंचायत:.................... पंचायत समिति:.................. जिला:................. क्र.सं.फार्म क्रमांकनाम परिवार मुखिया मय पिता/पतिसामाजिक ग्रुप-एस.सी./एस.टी./ओबीसी./ अन्यपरिवार की कुल सदस्य संख्याकुल प्राप्तांकवरीयता क्रमांक
1234567

(अन्तिम सूची)
ग्रामः............... ग्राम पंचायत:.................... पंचायत समिति:.................. जिला:................. क्र.सं.फार्म क्रमांकनाम परिवार मुखिया मय पिता/पतिसामाजिक ग्रुप-एस.सी./एस.टी./ओबीसी./ अन्यपरिवार की कुल सदस्य संख्याइन्दिरा आवास के लिए भूमि की उपलब्धताग्रामीण दस्ताकाररोजगार कार्यालय में गत तीन वर्ष से पंजीकृत 12000 रु. तक वार्षिक आय वाले परिवारों के बेरोजगारों की संख्याकुल प्राप्तांकवरीयता क्रमांक
12345678910

• निम्न प्रपत्र में राज्य सरकार को संबंधित जिले से सूचना भिजवायी जावे- 
जिलाग्रामीण परिवारोंकुल ग्रामीण जनसंख्याबीपीएल परिवारोंकुल बीपीएल जनसंख्याबीपीएल हाउसहोल्ड्स
     एससीएसटीओबीसीभूमिहीन

posted by TALLY ADVISIOR on 8:24 AM under

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